कुम्भकरण की नींद में - माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश
सत्र 2020-21 शुरू हुए 4 माह का समय होने वाला है और माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल (मप्र) के अधिकारियो को और स्कूली शिक्षा मंत्री को अभी तक ये सुध नहीं है कि किस प्रकार से कोरोनाकाल में बच्चो तक शिक्षा उपलब्ध करवायी जाए। सितम्बर माह में नई नीति ला रहे थे वो भी आते आते रह गयी । सरकार हो या विपक्ष किसी को विद्यार्थियों से कोई मतलब नहीं क्योंकि अभी सारा ध्यान 3 नवम्बर को होने वाले चुनाव पर है।

सीबीएसई द्वारा 3 माह पहले ही 30% कोर्स कम करने का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है पर मप्र बोर्ड के अधिकारियो की नींद अब तक नहीं खुली । थोड़ी सी नींद 22 अक्टूबर 2020 को खुली जिसमे कक्षा 10 वीं बोर्ड का सिलेबस कम करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया जिसे अगले ही दिन शाम तक हटा दिया गया और आज 26 अक्टूबर तक कोई अता-पता नहीं है कि कब 10 वीं और 12 वीं बोर्ड का सिलेबस कम करने का नोटिफिकेशन आएगा ? विद्यार्थी असमंजस की स्थिति में है और बोर्ड के अधिकारी अपनी कुम्भकरण वाली नींद में है। जहाँ एक तरफ केंद्र सरकार,नई शिक्षा नीति लागू करवाना चाहती है वहीं दूसरी तरफ मप्र बोर्ड से अपनी पुरानी व्यवस्था सम्भालते नहीं बन रही है।
यदि इनकी वेबसाइट को देखे तो 10 वीं और 12 वीं बोर्ड के पिछले 5 साल के प्रश्न पत्र तक उपलब्ध नहीं है। कोरोनाकाल में यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन किताब डाउनलोड करके पढ़ाना चाहे तो इनकी वेबसाइट पर किताबों के PDF तक उपलब्ध नहीं है। एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विद्यार्थियों के लिए तरह तरह की स्कालरशिप योजनाये ला रहे है वहीं दूसरी तरफ निष्क्रिय स्कूली शिक्षा विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर पा रहा है। खैर देखते है आगे क्या होता है, उम्मीद है 10 नवम्बर के उपचुनाव के नतीजों के बाद शायद कुछ हो।
रचित पाठेकर
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